LPG वितरकों ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

कमीशन और होम डिलीवरी शुल्क में 75 रुपये की अंतरिम वृद्धि की मांग
 

गोरखपुर। एलपीजी वितरकों ने मंगलवार को अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर एडीएम प्रशासन डॉ. वैभव शर्मा को ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन के माध्यम से वितरकों ने कमीशन बढ़ाने, ई-केवाईसी के लिए भुगतान समेत विभिन्न मांगों के तत्काल समाधान की मांग की।

एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (इंडिया) के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत सौंपे गए ज्ञापन में वितरकों ने डि नोवो स्टडी की संस्तुतियों के अनुरूप प्रशासनिक शुल्क और होम डिलीवरी चार्ज में तत्काल 75 रुपये की अंतरिम वृद्धि किए जाने की मांग की। इसके अलावा प्रत्येक ई-केवाईसी के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों से 236 रुपये भुगतान की मांग भी उठाई गई।

वितरकों ने नॉन फ्यूल रिलेटेड और एआरबी उत्पादों की बिक्री के लिए कथित दबाव समाप्त करने, नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री पर लक्ष्य निर्धारित नहीं करने और इंडेंट में जबरन बदलाव की प्रक्रिया रोकने की मांग की। एफटीएल की बिक्री को लेकर भी एसोसिएशन ने आपत्ति दर्ज कराई।

ज्ञापन में पीएनजी के अनिवार्य उपयोग की व्यवस्था वापस लेने और नए घरेलू एलपीजी कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया बहाल करने की मांग की गई। इसके साथ ही एमडीजी के नाम पर वितरकों पर कथित अनुचित दबाव और कार्रवाई की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग भी शामिल रही।

एसोसिएशन के अनुसार आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा। पांच अक्टूबर को देशभर में प्रेस कॉन्फ्रेंस, छह अक्टूबर को 'नो मनी नो इंडेंट' के तहत भुगतान जमा नहीं करने और लोड नहीं उठाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके बाद 26 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना तथा मांगों का समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल का प्रस्ताव है।

वितरकों ने राष्ट्रपति से एलपीजी वितरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया।