लेखपाल संघ ने एसडीएम सदर को सौंपा ज्ञापन, लंबित मांगों पर कार्रवाई की मांग
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की तहसील सदर इकाई ने विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शनिवार को एसडीएम सदर ज्ञान प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपा। तहसील अध्यक्ष अनिल राय के नेतृत्व में पहुंचे संघ के पदाधिकारियों ने शासन और राजस्व परिषद स्तर पर लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। संघ ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर 22 सितंबर 2026 से अतिरिक्त हल्कों के कार्य का बहिष्कार किया जाएगा और संबंधित बस्ते तहसील अथवा राजस्व निरीक्षक कार्यालय में जमा किए जाएंगे।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि लेखपाल राजस्व प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। राजस्व अभिलेखों के अद्यतन, वरासत, नामांतरण, पैमाइश, ई-गवर्नेंस, आपदा प्रबंधन, कानून-व्यवस्था तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कार्यों का दायित्व लेखपालों पर है। इसके बावजूद कार्यभार में वृद्धि, संसाधनों की कमी, पदोन्नति में देरी, वेतन विसंगति, अतिरिक्त कार्यभार और अवकाश के दिनों में ड्यूटी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में अंतर्मंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की गई। संघ के मुताबिक वर्ष 2019 में शासनादेश के आधार पर करीब 650 लेखपालों का गृह मंडल में स्थानांतरण किया गया था। इसके बाद 16 मई 2025 को राजस्व परिषद के पोर्टल पर स्थानांतरण के लिए करीब 2669 लेखपालों ने आवेदन किया, लेकिन अभी तक इस संबंध में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। संघ का दावा है कि करीब 2700 लेखपाल वर्तमान में अपने गृह जनपद अथवा गृह मंडल से 400 से 800 किलोमीटर दूर तैनात हैं। संघ ने ऑनलाइन पोर्टल दोबारा खोलकर स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की।
लेखपाल संघ ने चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची जारी करने की भी मांग उठाई। संघ के अनुसार विभागीय पदोन्नति समिति की कार्यवाही 29 अप्रैल 2026 को पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी तक पदोन्नति सूची जारी नहीं की गई है। वहीं, चयन वर्ष 2024 में नियुक्त लेखपालों की प्रशिक्षण परीक्षा 13 सितंबर 2025 को होने के बावजूद परीक्षा परिणाम और प्रशिक्षण प्रमाणपत्र सभी संबंधित जनपदों को उपलब्ध नहीं कराए जाने की बात कही गई। संघ ने इन्हें शीघ्र जारी कराने की मांग की।
भत्तों में वृद्धि की मांग
ज्ञापन में स्टेशनरी भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिमाह, मोटरसाइकिल अथवा वाहन भत्ता 1500 रुपये प्रतिमाह तथा विशेष भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई। संघ ने कहा कि क्षेत्रीय भ्रमण और विभागीय कार्यों में होने वाला खर्च बढ़ गया है, जबकि संबंधित भत्तों में लंबे समय से अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है।
पटल और अतिरिक्त कार्यों से अवमुक्त करने की मांग
संघ ने भूलेख कार्यालयों एवं अन्य पटलों पर संबद्ध लेखपालों को उनके मूल कार्य के लिए अवमुक्त करने की मांग की। पदाधिकारियों का कहना है कि पटल प्रभारी और प्रभारी राजस्व निरीक्षक जैसे अतिरिक्त दायित्व दिए जाने से लेखपालों के मूल राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
पंचायत सचिवालय रोस्टर पर जताई आपत्ति
ग्राम सचिवालयों में लेखपालों के रोस्टर को लेकर भी संघ ने आपत्ति दर्ज कराई। संघ के अनुसार अधिकांश ग्राम सचिवालयों में लेखपालों के लिए अलग कक्ष, फर्नीचर, अभिलेख सुरक्षित रखने की व्यवस्था, कंप्यूटर, इंटरनेट, बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। एक लेखपाल के जिम्मे कई ग्राम होने के कारण आईजीआरएस, आय, जाति, निवास, विरासत, पैमाइश और अन्य प्रार्थना पत्रों की जांच के लिए अलग-अलग गांवों में जाना पड़ता है। ऐसे में एक ही ग्राम सचिवालय में निर्धारित समय पर बैठकर कार्य करना व्यावहारिक नहीं होने का दावा संघ ने किया।
संघ ने 20 अगस्त 2026 को अयोध्या में एक लेखपाल के खिलाफ एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई का भी उल्लेख किया और पंचायत सचिवालयों में कार्य करने वाले लेखपालों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। संघ ने कहा कि आवश्यक आधारभूत सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किए बिना पंचायत सचिवालय रोस्टर लागू करना उचित नहीं है।
तकनीकी पद घोषित करने और संसाधन उपलब्ध कराने की मांग
लेखपाल संघ ने संवर्ग को टेक्निकल पद घोषित करने, लैपटॉप और मोबाइल जैसे तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने, प्रारंभिक वेतनमान लेवल-5 (ग्रेड पे 2800) निर्धारित करने तथा वेतन विसंगति दूर करने की मांग भी की। संघ का कहना है कि लेखपालों के कार्य और दायित्व लगातार बढ़े हैं, इसलिए सेवा शर्तों और संसाधनों में भी उसी के अनुरूप सुधार किया जाना चाहिए।
संघ ने कहा कि यदि शासन और राजस्व परिषद स्तर से लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 22 सितंबर 2026 से अतिरिक्त हल्कों का कार्य नहीं किया जाएगा। लेखपाल अपने अतिरिक्त हल्कों के बस्ते संबंधित तहसील अथवा राजस्व निरीक्षक कार्यालय में जमा करेंगे। इसके बाद ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार समेत अन्य निर्णय लिए जाने की चेतावनी भी संघ ने दी है।
इस दौरान तहसील अध्यक्ष अनिल राय, तहसील मंत्री रत्नेश सिंह, कोषाध्यक्ष दिलीप सिंह, ऑडिटर राम कुमार गुप्ता समेत कार्यकारिणी के अन्य पदाधिकारी और लेखपाल मौजूद रहे।