आईटीएम फार्मेसी छात्रों ने बनाया हृदय रोगियों की दूरस्थ निगरानी का कार्यशील मॉडल
सहजनवां, गोरखपुर। आईटीएम गीडा, गोरखपुर में फार्मेसी दिवस के अवसर पर फार्मेसी विभाग के छात्रों ने हृदय रोगियों की निगरानी और आपातकालीन सहायता के लिए एक तकनीकी मॉडल तैयार किया। छात्रों ने हृदय देखभाल एवं दूरस्थ निगरानी प्रणाली का कार्यशील मॉडल विकसित कर उसके जरिए तकनीक और स्वास्थ्य सेवाओं के समन्वय की संभावनाएं प्रदर्शित कीं।
इस परियोजना को बी.फार्मा तृतीय वर्ष के छात्र उत्कर्ष तिवारी, तनु राय और सूरज प्रजापति तथा बी.टेक सीएसई तृतीय वर्ष के छात्र कृष गुप्ता ने मिलकर करीब एक महीने में तैयार किया। परियोजना के विकास में लगभग दो लाख रुपये की लागत आने की जानकारी दी गई।
छात्रों के अनुसार, प्रणाली का उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में हृदय रोगी की स्थिति की जानकारी चिकित्सक तक पहुंचाने और दूरस्थ निगरानी की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में तकनीकी समाधान विकसित करना है। इसके जरिए चिकित्सक इंटरनेट के माध्यम से मरीज की स्थिति की निगरानी कर सकेंगे। प्रणाली में एक साथ कई मरीजों की निगरानी की संभावना भी रखी गई है।
कार्यशील मॉडल में ट्रांसफॉर्मर, हृदय देखभाल सॉफ्टवेयर, संकेतक प्रकाश, 3.7 वोल्ट की बैटरी, रेडियो और GSM सर्किट समेत विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया गया है। छात्रों ने मॉडल के माध्यम से इसकी कार्यप्रणाली का प्रदर्शन भी किया।
छात्रों का कहना है कि इस परियोजना का उद्देश्य चिकित्सा और तकनीक को जोड़कर मरीजों की निगरानी को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम करना है। हालांकि, यह अभी छात्र-निर्मित प्रारूप है। वास्तविक मरीजों पर उपयोग से पहले चिकित्सा विशेषज्ञों और जैव-चिकित्सा अभियंताओं की देखरेख में व्यापक परीक्षण, सत्यापन और आवश्यक नियामकीय अनुमोदन जरूरी होगा।
संस्थान के निदेशक डॉ. एन.के. सिंह ने छात्रों के नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास भविष्य में हृदय रोगियों की निगरानी और आपातकालीन चिकित्सा सहायता के क्षेत्र में उपयोगी संभावनाएं विकसित कर सकते हैं। उन्होंने छात्रों को नए विचारों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।