खबर का असर: गीडा प्रशासन सख्त, सेक्टर-22 और 23 के होटलों की होगी जांच
गोरखपुर/गीडा। गीडा के सेक्टर-22 में होटल और स्पा सेंटरों के संचालन को लेकर सामने आ रही शिकायतों और सवालों के बीच प्रशासन ने अब जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज करने के संकेत दिए हैं। गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) अनुज मलिक ने कहा है कि सेक्टर-22 और सेक्टर-23 में संचालित होटलों की जांच कराई जाएगी और एक सप्ताह के भीतर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के इस रुख के बाद होटल संचालकों में हलचल बढ़ गई है। जांच के दौरान प्रतिष्ठानों के संचालन से संबंधित दस्तावेज, स्वीकृत मानचित्र, आवश्यक पंजीकरण, अग्निशमन विभाग की एनओसी और अन्य जरूरी अनुमतियों का सत्यापन किया जा सकता है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि संबंधित प्रतिष्ठानों में व्यावसायिक गतिविधियां स्वीकृत उपयोग के अनुरूप संचालित हो रही हैं या नहीं।
इससे पहले जुलाई 2026 में गीडा सेक्टर-22 में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने पांच होटलों की जांच की थी। रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान दो होटलों को सील किया गया था, जबकि तीन संचालक कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद मौके से चले गए थे। जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों के पास होटल संचालन से संबंधित आवश्यक अनुमति और सराय अधिनियम के तहत पंजीकरण नहीं होने की बात सामने आई थी।
दस्तावेजों का होगा सत्यापन
आगामी जांच में होटल संचालकों के दस्तावेजों के साथ-साथ भवन निर्माण और अग्नि सुरक्षा से जुड़े मानकों की भी पड़ताल की जा सकती है। इसके अलावा ग्राहकों के रिकॉर्ड और प्रतिष्ठान में संचालित गतिविधियों का भी नियमानुसार सत्यापन किया जाएगा।
प्रशासन के सामने यह भी चुनौती होगी कि पूर्व में सामने आई शिकायतों की वास्तविक स्थिति जांच के जरिए स्पष्ट की जाए। होटल या किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई जांच में सामने आए तथ्यों और नियमों के उल्लंघन के आधार पर ही किए जाने की स्थिति स्पष्ट होगी।
सेक्टर-23 में भी बढ़ सकती है निगरानी
सेक्टर-22 के साथ अब सेक्टर-23 में संचालित होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी प्रशासन की निगरानी के दायरे में आ सकते हैं। यदि दोनों सेक्टरों में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाता है, तो लंबे समय से उठ रहे सवालों की स्थिति दस्तावेजों और जांच रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट हो सकती है।
शिकायतों की भी होगी पड़ताल
सेक्टर-22 में होटल और स्पा सेंटरों की गतिविधियों को लेकर स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रकार की शिकायतें और आरोप सामने आते रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है। ऐसे में प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर होने वाली कार्रवाई में शिकायतों की वास्तविकता की भी पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।
जुलाई में हुई कार्रवाई के बाद गीडा क्षेत्र के होटलों के सत्यापन की बात सामने आई थी। अब CEO की ओर से एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई के संकेत मिलने के बाद स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच कितने प्रतिष्ठानों तक पहुंचती है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई का स्वरूप क्या रहता है।