गोरखपुर में आवारा कुत्तों के प्रबंधन को लेकर सख्त निर्देश, नसबंदी और Anti-Rabies Vaccination पर जोर
गोरखपुर। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में निराश्रित कुत्तों के प्रबंधन, रेबीज नियंत्रण और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यवस्थाएं दुरुस्त करने पर जोर दिया है।
मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने मंडलायुक्त सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को आवारा कुत्तों की नसबंदी, एंटी रेबीज टीकाकरण और उपचार की व्यवस्था प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए Animal Birth Control (ABC) सेंटरों की उपयोगिता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
ABC सेंटरों के इस्तेमाल पर मंडलायुक्त ने उठाए सवाल
बैठक में मंडलायुक्त ने ABC सेंटरों की उपलब्धता और उनकी कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले इन केंद्रों का इस्तेमाल डॉग सेंटर के रूप में किया जा सकता था, तो अब ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपलब्ध सुविधाओं का आकलन कर उनका समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि निराश्रित कुत्तों की नसबंदी, टीकाकरण और देखभाल से जुड़ी व्यवस्थाओं में तेजी लाई जा सके।
Dog Bite वाले संवेदनशील क्षेत्रों की होगी पहचान
मंडलायुक्त ने शहरी और ग्रामीण इलाकों में निराश्रित कुत्तों की स्थिति का आकलन करने के लिए सर्वेक्षण कराने पर जोर दिया। कुत्तों के काटने की घटनाओं वाले संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही, प्रभावित लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और Anti-Rabies Vaccination की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि घटनाओं का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार होने से समस्या की वास्तविक स्थिति का आकलन करने और आवश्यक कदम उठाने में मदद मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता बढ़ाने तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी चर्चा हुई।
स्कूलों और अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
बैठक में विद्यालयों, महाविद्यालयों, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थानों पर आवारा कुत्तों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने पर जोर दिया गया। इसके लिए परिसर की Boundary Wall, Fencing और प्रवेश द्वारों की स्थिति की समीक्षा करने को कहा गया, ताकि लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी उपाय किए जा सकें।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं के विचरण से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नियमित निगरानी और जरूरी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। सड़क पर मृत या घायल पशु मिलने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उन्हें तत्काल हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
नगर निकायों को लक्ष्य के अनुसार काम करने के निर्देश
मंडलायुक्त ने नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत स्तर पर उपलब्ध संसाधनों तथा Animal Birth Control कार्यक्रम के निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष हुई प्रगति की समीक्षा करने पर जोर दिया। जिलाधिकारियों से अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने और मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों के माध्यम से एंटी रेबीज टीकाकरण की प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा गया।
संबंधित विभागों को कार्यों का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने के साथ आवश्यक फोटो, वीडियो और अन्य दस्तावेज सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए। जनपद स्तरीय समितियों की बैठकों के कार्यवृत्त मंडल स्तर पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, अपर जिलाधिकारी नगर गजेंद्र कुमार, अपर आयुक्त अजय राय, अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।