बेटी की चिता के 3 घंटे बाद मां ने बेटे को दिया जन्म, 'भाई को राखी बांधूंगी' कहने वाली मासूम का सपना रह गया अधूरा

गोरखपुर में मासूम बच्ची की हत्या के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अंतिम संस्कार के तीन घंटे बाद मां ने बेटे को जन्म दिया। जानें पूरा मामला।
 

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस हृदयविदारक मामले में सबसे मार्मिक पहलू यह रहा कि जिस बच्ची का गुरुवार शाम अंतिम संस्कार किया गया, उसके लगभग तीन घंटे बाद उसकी मां ने एक बेटे को जन्म दिया। परिजनों के अनुसार, मासूम अक्सर कहती थी कि इस बार रक्षाबंधन पर वह अपने छोटे भाई को राखी बांधेगी, लेकिन उसका यह सपना अधूरा रह गया।

 

पुलिस के अनुसार, 28 जुलाई की रात बच्ची अपनी बड़ी बहन को खाना देने जिला अस्पताल गई थी, जहां उसकी बड़ी बहन भर्ती थी। आरोप है कि इसी दौरान एक पुलिसकर्मी उसे बहला-फुसलाकर अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर अस्पताल से करीब 15 किलोमीटर दूर सुनसान इलाके में ले गया।

 

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और उसके साथ गंभीर मारपीट की। आरोप है कि घटना के बाद उसके हाथ बांधकर उसे नदी में फेंक दिया गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर चोटों की पुष्टि

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार शरीर पर अत्यधिक हिंसा के संकेत मिले हैं, जिससे घटना की क्रूरता सामने आई है।

 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस

बच्ची के लापता होने के बाद पुलिस ने आसपास के करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान एक पुलिसकर्मी बच्ची को मोटरसाइकिल पर ले जाता दिखाई दिया। वाहन के आधार पर आरोपी की पहचान की गई और उसे हिरासत में लिया गया।

पुलिस का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में आरोपी गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में उसने अपराध स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर बच्ची का शव बरामद किया गया।

आरोपी सिपाही बर्खास्त, एनएसए की भी तैयारी

घटना सामने आने के बाद आरोपी पुलिसकर्मी को तत्काल सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उसके खिलाफ पॉक्सो अधिनियम सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

 आरोपी की पत्नी ने भी जताई नाराजगी

मीडिया से बातचीत में आरोपी की पत्नी ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उसके पति ने अक्षम्य अपराध किया है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद वह उसके साथ नहीं रहेंगी।

 पीड़ित परिवार की मांग

पीड़ित परिवार ने आरोपी को फांसी की सजा देने, 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की है।

परिजनों के अनुसार, मासूम भविष्य में डॉक्टर बनना चाहती थी और अपनी मां का इलाज स्वयं करने का सपना देखती थी। इस रक्षाबंधन पर अपने होने वाले भाई को राखी बांधने की उसकी इच्छा भी उसकी मौत के साथ अधूरी रह गई।