गोरखपुर में 4.09 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, अंतरराज्यीय गिरोह के पांच आरोपी गिरफ्तार

 

गोरखपुर। साइबर अपराध से हासिल रकम को बैंक खातों के जरिए निकालकर क्रिप्टोकरेंसी में बदलने वाले कथित अंतरराज्यीय गिरोह का गोरखपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है।

साइबर क्राइम सेल और चिलुआताल पुलिस की संयुक्त टीम ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में 34 म्यूल बैंक खातों से संबंधित 4 करोड़ 9 लाख 11 हजार 738 रुपये की साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आई हैं। मामले में बरामद नकदी, बैंकिंग दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है।

पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में पुलिस अधीक्षक अपराध अयोध्या प्रसाद सिंह और सहायक पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने मामले का खुलासा किया। अधिकारियों के अनुसार, गिरोह के सदस्य साइबर ठगी और ऑनलाइन निवेश ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम अलग-अलग बैंक खातों में मंगाते थे।

इसके बाद एटीएम कार्ड और चेक के माध्यम से नकदी निकाली जाती थी। कथित तौर पर कमीशन काटने के बाद बाकी रकम को विदेशी एजेंटों के जरिए USDT Cryptocurrency में बदलकर डिजिटल वॉलेट में भेजा जाता था।

 

बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले देते थे कमीशन का लालच

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य लोगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले कमीशन देने का लालच देते थे। इसके बाद खाताधारकों की पासबुक, एटीएम कार्ड और चेकबुक अपने कब्जे में लेकर उनका इस्तेमाल कथित साइबर अपराध की रकम के लेन-देन में किया जाता था। नेटवर्क में अलग-अलग लोगों की भूमिका निर्धारित होने की बात भी सामने आई है। कुछ सदस्य बैंक खाते उपलब्ध कराने और नकदी निकालने का काम करते थे, जबकि अन्य रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर आगे भेजने में शामिल बताए जा रहे हैं।

पांच आरोपियों की गिरफ्तारी, कई सामान बरामद

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महराजगंज जिले के नौतनवा निवासी नवनीत पाण्डेय उर्फ आदेश पाण्डेय, चंदौली निवासी आदर्श सिंह उर्फ थायनोस, गोरखपुर के बसंतपुर निवासी रवि वर्मा, कूड़ाघाट निवासी प्रज्ञा रतन और चिलुआताल क्षेत्र के करीमनगर निवासी मकसूद आलम खान के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 लाख 76 हजार 700 रुपये नकद, 22 एटीएम कार्ड, पांच मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, तीन चेकबुक, तीन पासबुक, दो फर्जी मुहर, एक कैश काउंटिंग मशीन, 4,710 रुपये नेपाली मुद्रा, एक चार पहिया वाहन और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।

14 राज्यों से जुड़ी शिकायतें, आगे की जांच जारी

पुलिस के अनुसार, 34 बैंक खातों से संबंधित शिकायतें उत्तर प्रदेश सहित बिहार, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और उत्तराखंड से जुड़ी हैं। इन शिकायतों में कुल 4.09 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी का उल्लेख है। हालांकि, इन खातों के जरिए वास्तव में कितनी रकम का लेन-देन हुआ और उसका अंतिम गंतव्य क्या था, इसकी जांच अभी जारी है।

मामले में चिलुआताल थाने में मुकदमा अपराध संख्या 792/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 317(4), 317(5), 338 और 336(3) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं 66C और 66D के तहत कार्रवाई की है।

पुलिस ने कृष्णा शर्मा, दिव्यांशु शेखर शुक्ल, आदर्श द्विवेदी, विदित और गोविंद वर्मा को मामले में वांछित बताया है। जांच एजेंसियां कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों, विदेशी एजेंटों और रकम के वास्तविक स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं।