गोरखपुर में नकली नोट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार

गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में पुलिस ने नकली नोट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। मौके से प्रिंटर, कंप्यूटर, केमिकल और नकली नोट बरामद हुए हैं।
 
गोरखपुर में नकली नोट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार; बिहार कनेक्शन का खुलासा

 

गोरखपुर। गोरखपुर पुलिस ने गुलरिहा थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोट तैयार करने और ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से नकली नोट, प्रिंटर, कंप्यूटर सेट, केमिकल और नकली करेंसी तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद हुई है।

पूरे मामले का खुलासा पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी सिटी निमिष पाटिल ने किया। इस दौरान सहायक पुलिस अधीक्षक दिनेश गोदारा और क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ रवि सिंह भी मौजूद रहे।

मुखबिर की सूचना पर हुई छापेमारी

पुलिस के अनुसार 25 मई की रात थाना गुलरिहा पुलिस नियमित गश्त और चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि पादरी बाजार स्थित सरस्वतीपुरम कॉलोनी की एक दुकान में नकली नोट तैयार किए जा रहे हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने एसओजी और सर्विलांस सेल के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए दुकान को चारों ओर से घेर लिया और मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में भी जुटी हुई है।

ऐसे तैयार होते थे नकली नोट

जांच में सामने आया कि गिरोह “काले नोट” के नाम पर लोगों को झांसा देकर ठगी करता था। आरोपी विशेष काले रंग के कागज को नोट के आकार में काटते थे और उस पर केमिकल प्रक्रिया कर असली नोट जैसा रूप देते थे। इसके बाद कंप्यूटर और प्रिंटर की मदद से नकली नोटों की प्रिंटिंग की जाती थी।

गिरोह लोगों को कम समय में पैसा कई गुना बढ़ाने का लालच देता था। आरोपी दावा करते थे कि एक असली नोट के बदले चार नकली नोट दिए जाएंगे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:

करन सिंह निवासी पादरी बाजार,मोहित कुमार निवासी बरगदवा, विशाल शर्मा निवासी विश्वकर्मापुर, आशीष शर्मा निवासी मोहनापुर,आकाश सिंह निवासी कुशीनगर के रूप में की है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह में एक अधिवक्ता और एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करने वाला व्यक्ति भी शामिल था, जो नोट डिजाइन और तकनीकी कार्य में मदद करता था।

भारी मात्रा में सामान बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 500 रुपये के 9 नकली नोट, 100 रुपये का 1 नकली नोट,5 मोबाइल फोन,कंप्यूटर सेट, 2 प्रिंटर, इंक और केमिकल, नकली नोटों के फॉर्मा, गांधीजी की फोटो वाले प्रिंट, नोट में लगने वाले तार, नोट के आकार के काले कागज बरामद किए हैं।

बिहार से जुड़े नेटवर्क की जांच

पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह का नेटवर्क बिहार के मोकामा से जुड़ा हुआ है। वहीं से तकनीकी सहायता और संचालन किया जा रहा था। पुलिस अब इस अंतरजनपदीय नेटवर्क की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।

संगठित अपराध पर बड़ी चोट

पुलिस ने इस मामले में थाना गुलरिहा पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से नकली नोटों के अवैध कारोबार पर बड़ी चोट पहुंची है और आगे भी ऐसे संगठित अपराधों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।