पिपरौली सीएचसी में निःशुल्क कैंसर जांच शिविर, 126 लोगों की हुई जांच

कैंसर के शुरुआती लक्षणों की पहचान और बचाव के प्रति किया जागरूक, मरीजों को दी गईं निःशुल्क दवाएं
 

सहजनवा/गोरखपुर। कैंसर की समय रहते पहचान और इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), पिपरौली में निःशुल्क कैंसर जांच एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, गोरखपुर के सहयोग से हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल एवं शोध संस्थान, गीतावाटिका, गोरखपुर की ओर से आयोजित शिविर में कुल 126 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। इस दौरान चिकित्सकों ने मरीजों की समस्याएं सुनीं, कैंसर से संबंधित संभावित लक्षणों की जांच की और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। मरीजों को निःशुल्क दवाएं भी वितरित की गईं।

शिविर में कैंसर अस्पताल की चिकित्सक डॉ. आस्था राव ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और उपस्थित लोगों को कैंसर के शुरुआती लक्षणों, बचाव तथा समय पर उपचार के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कैंसर के कई जोखिम कारकों को जीवनशैली में बदलाव, नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता के माध्यम से कम किया जा सकता है। धूम्रपान, तंबाकू और गुटखा जैसी आदतों से दूरी बनाना तथा संतुलित आहार अपनाना जरूरी है।

डॉ. आस्था राव ने महिलाओं को स्तन कैंसर के संभावित लक्षणों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि स्तन में गांठ, असामान्य बदलाव या लगातार दर्द महसूस होने पर चिकित्सक से जांच करानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने हेपेटाइटिस-बी और एचपीवी टीकाकरण के महत्व पर भी प्रकाश डाला तथा कैंसर से बचाव के लिए लोगों को जागरूक रहने की अपील की।

तंबाकू और गुटखा से दूर रहने की अपील

शिविर प्रशासक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि खानपान और जीवनशैली का स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। लोगों को फल, सब्जियां, दालें और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करना चाहिए। उन्होंने तंबाकू, खैनी, गुटखा, दोहरा, सिगरेट और सुपारी के सेवन से होने वाले नुकसान के प्रति आगाह करते हुए कहा कि इन आदतों से मुंह के रोगों और कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

उन्होंने मुंह में सफेद या लाल धब्बे, लंबे समय तक बने रहने वाले घाव, मुंह खोलने में परेशानी अथवा अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बीमारी की समय रहते पहचान होने से उपचार की संभावनाएं बेहतर हो सकती हैं।

जागरूकता सामग्री का किया गया वितरण

शिविर के दौरान लोगों को कैंसर से संबंधित पत्रक और जानकारी पुस्तिकाएं वितरित की गईं। आयोजकों ने कहा कि समुदाय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को कैंसर के जोखिम कारकों, शुरुआती लक्षणों और समय पर जांच के प्रति जागरूक किया जा सकता है।

शिविर को सफल बनाने में प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शिवानंद मिश्रा, डॉ. आस्था राव, डॉ. शशि, अजय श्रीवास्तव, सत्यवती तिवारी, विकास चक्रधारी, मुंशीलाल, वीरेंद्र कुमार, रामसूरत सिंह सहित स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों और कर्मचारियों का उल्लेखनीय योगदान रहा।