ऑनलाइन लोन दिलाने के नाम पर ठगी, पीड़ित को वापस मिले 24,554 रुपये

62 हजार रुपये की हुई थी साइबर धोखाधड़ी, राजघाट पुलिस की पैरवी से MRM पोर्टल के जरिए मिली रकम
 

गोरखपुर। ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी करने के मामले में राजघाट पुलिस ने पीड़ित को बड़ी राहत दिलाई है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और लगातार पैरवी के बाद साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति के खाते में 24,554 रुपये वापस कराए गए हैं। पीड़ित के खाते से कुल 62 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। वापस मिली धनराशि MRM पोर्टल के माध्यम से रिफंड कराई गई है।

पुलिस के अनुसार, दो अगस्त 2026 को साइबर ठग ने पीड़ित को ऑनलाइन लोन स्वीकृत कराने का झांसा दिया था। लोन की प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर ठग ने अलग-अलग प्रकार के शुल्क और फीस जमा कराई। पीड़ित ने लोन मिलने की उम्मीद में बताए गए शुल्क का भुगतान कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उसका लोन स्वीकृत नहीं हुआ। इसी दौरान उसके खाते से कुल 62 हजार रुपये की धनराशि धोखाधड़ी करके निकाल ली गई।

अपने साथ हुई साइबर धोखाधड़ी की जानकारी होने पर पीड़ित ने राजघाट थाने के साइबर हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए साइबर हेल्प डेस्क की टीम ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद संबंधित बैंक के नोडल अधिकारी से संपर्क स्थापित कर ठगी की रकम वापस कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।

पुलिस टीम ने लगातार मामले की पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप MRM पोर्टल के माध्यम से पीड़ित के खाते में 24,554 रुपये वापस कराने में सफलता मिली। हालांकि, ठगी गई कुल 62 हजार रुपये की धनराशि में से शेष रकम की वापसी के संबंध में प्रेस नोट में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

इस कार्रवाई से साइबर ठगी के पीड़ित को आर्थिक राहत मिली है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन लोन दिलाने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर प्रोसेसिंग फीस, रजिस्ट्रेशन शुल्क या अन्य किसी मद में रकम जमा न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि ठगी की रकम को समय रहते रोकने और वापस कराने की कार्रवाई की जा सके।