84 मामलों की डीएम ने की समीक्षा, पीड़ित महिलाओं-बालिकाओं को समय से सहायता देने के निर्देश

 

गोरखपुर। जघन्य हिंसा और यौन अपराधों से प्रभावित महिलाओं एवं बालिकाओं को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने को लेकर जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के तहत प्राप्त 84 आवेदनों की एक-एक कर समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से प्रत्येक मामले में उपलब्ध दस्तावेजों, चिकित्सकीय रिपोर्ट, पुलिस आख्या और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पात्रता की जांच करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि पात्र पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराने में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

जिन मामलों में दस्तावेज या औपचारिकताएं अधूरी हैं, उन्हें जल्द पूरा कराते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में अधिकारियों ने 84 आवेदनों की वर्तमान स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया। प्रकरणों की समीक्षा के दौरान घटना से जुड़े तथ्यों, पीड़िता की परिस्थितियों, मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस जांच को योजना के प्रावधानों के अनुसार परखा गया। डीएम ने सहायता प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और पात्र मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के माध्यम से गंभीर हिंसा और अपराध की पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को आर्थिक, चिकित्सा और पुनर्वास संबंधी सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। एसिड अटैक, दुष्कर्म, पॉक्सो समेत गंभीर अपराधों से प्रभावित पात्र पीड़ितों को निर्धारित नियमों के अनुसार आर्थिक क्षतिपूर्ति दी जाती है।

योजना के तहत जरूरत के मुताबिक चिकित्सा उपचार और पुनर्निर्माण सर्जरी जैसी आवश्यक चिकित्सा सेवाओं में भी सहायता का प्रावधान है। इसके अलावा पात्र मामलों में पीड़ित महिला के नाबालिग बच्चों की शिक्षा और चिकित्सा संबंधी जरूरतों के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।

जिलाधिकारी ने कहा कि पीड़ित महिला या बालिका को सहायता के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें। पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय से मामलों का निस्तारण करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों तक सरकारी सहायता पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाई जाए।

बैठक में सीएमओ डॉ. राजेश झा, एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल, एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार, मुख्य कोषाधिकारी प्रवीण सिंह, मुमताज खान सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।