विधायक राजेश त्रिपाठी के साथ गांव पहुंचे डीएम, अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश
गोरखपुर। तहसील गोला क्षेत्र के ग्राम सभा चौतीसा में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने विधायक चिल्लूपार राजेश त्रिपाठी के साथ चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याओं और शिकायतों की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाए और किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर सामने आ रही विभिन्न समस्याओं को जिलाधिकारी के समक्ष रखा। जिलाधिकारी ने एक-एक कर ग्रामीणों की बातें सुनीं और संबंधित विभागीय अधिकारियों से समस्याओं के समाधान की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। शासन की योजनाओं का लाभ पात्र ग्रामीणों तक पहुंचाने के साथ ही गांव में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समय से उपलब्ध कराना है। गांव में विकास कार्यों की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जाए। जिन कार्यों में किसी प्रकार की कमी अथवा शिकायत सामने आती है, उनका परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे अपनी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखें, ताकि उनका समयबद्ध समाधान कराया जा सके।
इस दौरान चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी ने भी ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं के संबंध में जिलाधिकारी को अवगत कराया और ग्रामीणों की समस्याओं के शीघ्र समाधान पर जोर दिया। विधायक ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों के साथ-साथ बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से प्रभावित होने वाले गांवों की सुरक्षा और सुविधाओं पर भी लगातार नजर रखी जानी आवश्यक है। चौपाल के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि पात्र लाभार्थी योजनाओं के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करें, ताकि उन्हें समय से लाभ दिलाया जा सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
नदी का जलस्तर बढ़ा तो डीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का लिया जायजा
चौपाल के बाद जिलाधिकारी दीपक मीणा ने गोला क्षेत्र में नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंचकर जलस्तर की स्थिति का जायजा लिया तथा अधिकारियों से बाढ़ की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि नदी के जलस्तर और आसपास के गांवों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संवेदनशील गांवों में आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी रखी जाएं। राहत और बचाव कार्य में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था रहे। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और प्रशासन को हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना होगा।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से राजस्व, सिंचाई, पुलिस, स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलस्तर में लगातार हो रहे बदलाव की सूचना समय से संबंधित अधिकारियों और प्रभावित गांवों तक पहुंचाई जाए। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की स्थिति पर विशेष नजर रखी जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर ग्रामीणों के लिए भोजन, पेयजल, दवाइयां, पशुओं के लिए चारा तथा अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। राहत शिविरों के लिए चिह्नित स्थानों का निरीक्षण कर वहां आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने बाढ़ के दौरान आवागमन प्रभावित होने वाले रास्तों और गांवों की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां जलभराव अथवा कटान की आशंका है, वहां लगातार निगरानी की जाए। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सूचना देकर राहत एवं बचाव दल को सक्रिय किया जाए।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम गोला मनीष कुमार सहित तहसील प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। ग्राम प्रधान चौतीसा ने भी जिलाधिकारी को गांव की स्थिति और स्थानीय समस्याओं से अवगत कराया। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को नदी के जलस्तर और बाढ़ की संभावित स्थिति के संबंध में जानकारी दी।
जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ जैसी स्थिति में प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की जान-माल की सुरक्षा है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारियों का पूरी गंभीरता से निर्वहन करें। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र में भ्रमण करते रहने और ग्रामीणों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए।
चौतीसा में आयोजित चौपाल और इसके बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के निरीक्षण को लेकर ग्रामीणों में भी प्रशासन के प्रति भरोसा दिखाई दिया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के समक्ष सीधे अपनी समस्याएं रखने का अवसर मिलने पर संतोष जताया। जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि ग्रामीणों की समस्याओं का नियमानुसार समाधान कराया जाएगा और बाढ़ की स्थिति में प्रशासन हर संभव मदद के लिए तैयार है।