10 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं पर मंडलायुक्त सख्त, समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश

 बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा में मंडलायुक्त सख्त, टेंडर से लेकर गुणवत्ता तक दिए निर्देश
 
 विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता पर मंडलायुक्त का जोर

गोरखपुर। नवागत मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने शुक्रवार को मंडल की 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब से न केवल लागत बढ़ती है, बल्कि कार्यों की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है, जिससे सरकार और आम जनता दोनों का नुकसान होता है।

बैठक में मंडलायुक्त ने कहा कि प्रत्येक परियोजना का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग अपनी-अपनी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें तथा कार्यों की प्रगति पर सतत निगरानी रखते हुए निर्धारित समयसीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर प्रत्येक परियोजना की समीक्षा एवं मॉनिटरिंग की स्पष्ट व्यवस्था है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन परियोजनाओं में किसी कारणवश बाधा उत्पन्न हो रही है, उनका तत्काल समाधान कर कार्यों में तेजी लाई जाए।

मंडलायुक्त ने टेंडर प्रक्रिया को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए तथा आवश्यक अनुबंध एवं औपचारिकताएं समय से पूर्ण कराई जाएं, ताकि कार्य निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप संपन्न हो सके। उन्होंने ठेकेदारों के चयन में पूर्ण पारदर्शिता एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया अपनाने पर भी बल दिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में ठेकेदारों को मनमाने ढंग से कार्य करने की अनुमति न दी जाए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी परियोजना में गुणवत्ता से समझौता पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मंडलायुक्त ने कहा कि कोई भी विकास परियोजना अधूरी अथवा लंबित नहीं रहनी चाहिए। अधूरी परियोजनाओं में सरकारी धन लंबे समय तक फंसा रहता है, जिससे संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो पाता। इसलिए सभी परियोजनाओं को निरंतर गति देते हुए समय पर पूरा कराया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि परियोजनाओं की समयसीमा बार-बार बढ़ाना उचित नहीं है। यदि प्रारंभ से ही प्रभावी योजना बनाकर कार्य किया जाए तो निर्धारित अवधि में परियोजनाओं को आसानी से पूरा किया जा सकता है। समयबद्ध कार्य निष्पादन ही प्रशासनिक दक्षता का परिचायक है।

मंडलायुक्त ने कहा कि शासन अधिकारियों को जनता के हित में जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के लिए नियुक्त करता है। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का ईमानदारी एवं गंभीरता के साथ निर्वहन करते हुए विकास कार्यों में तेजी लाएं, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर आमजन तक पहुंच सके।

उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि बड़ी परियोजनाओं की सफलता आपसी तालमेल और नियमित समीक्षा पर निर्भर करती है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे समय-समय पर बैठकें आयोजित कर प्रगति की समीक्षा करें तथा उत्पन्न होने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंडलायुक्त ने सभी अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए विकास परियोजनाओं को समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने तथा जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।