बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे डीएम दीपक मीणा, राहत-बचाव कार्य तेज करने के दिए निर्देश

 

गोरखपुर। जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने शुक्रवार को तहसील गोला क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित ग्राम बगहा देवार और ज्ञानकोल का स्थलीय निरीक्षण किया।

उन्होंने गांवों में पहुंचकर जलभराव, आवागमन और बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियों का जायजा लिया तथा ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से खाद्य सामग्री, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, पशुओं के चारे और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली।

ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और जरूरत के अनुसार उन्हें तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री, चिकित्सा सुविधाएं, पेयजल और पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं का लगातार आकलन किया जाए और जहां जिस सामग्री की जरूरत हो, वहां बिना किसी देरी के उसकी व्यवस्था कराई जाए। राहत सामग्री के वितरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

डीएम ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को बाढ़ प्रभावित गांवों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान जलजनित बीमारियों और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रखी जाएं।

जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों को गांवों में भेजकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने जलभराव वाले क्षेत्रों में साफ-सफाई और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।

उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी करने तथा आवश्यकता वाले स्थानों पर साफ-सफाई, कीटनाशक छिड़काव और अन्य जरूरी कार्रवाई कराने के निर्देश दिए। ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए भी आवश्यक प्रबंध करने को कहा गया।

पशुपालकों की समस्याओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में चारे की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान पशुधन की सुरक्षा भी प्रशासन की प्राथमिकता है।

जरूरत पड़ने पर पशुओं के लिए अलग से सुरक्षित व्यवस्था की जाए, ताकि पशुपालकों को किसी तरह की परेशानी न हो।

डीएम ने अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलस्तर में होने वाले बदलाव और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की नियमित निगरानी की जाए। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना देते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। सभी विभागों की टीमें आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाएं। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन उनकी सहायता के लिए पूरी तरह सक्रिय है और बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, उप जिलाधिकारी गोला मनीष कुमार, थाना प्रभारी बड़हलगंज, तहसीलदार, आपूर्ति विभाग के कर्मचारी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। परिस्थितियों के अनुसार राहत और बचाव कार्य आगे भी जारी रहेंगे।