गोरखपुर में डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा हटाने पर विवाद, नगर निगम ने बताई पूरी वजह
गोरखपुर। शहर के यातायात तिराहे से देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा हटाए जाने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नाराजगी सामने आई है।
प्रतिमा हटाए जाने की जानकारी के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि प्रतिमा को स्थायी रूप से नहीं हटाया गया है। यातायात तिराहे पर चल रहे सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार कार्य के कारण प्रतिमा को अस्थायी रूप से हटाकर नगर निगम परिसर में सुरक्षित रखा गया है।
नगर निगम के अनुसार, यातायात तिराहे के सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है। निर्माण कार्य के दौरान प्रतिमा को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उसे वहां से हटाया गया। निगम अधिकारियों का कहना है कि प्रतिमा को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया है और वह पूरी तरह सुरक्षित है।
प्रतिमा हटाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद कुछ राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने इसका विरोध किया। चित्रगुप्त सभा के संयुक्त मंत्री विजय श्रीवास्तव ने मांग की कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा को सौंदर्यीकरण का काम पूरा होने के बाद उसी स्थान पर दोबारा स्थापित किया जाए।
उन्होंने कहा कि देश के प्रथम राष्ट्रपति की प्रतिमा लोगों की भावनाओं और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ी है। यदि प्रतिमा को उसी स्थान पर दोबारा स्थापित नहीं किया गया तो संगठन प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने पर विचार करेगा।
मामले में नगर आयुक्त अजय जैन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यातायात तिराहे पर सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा रहा है। इसी दौरान प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए नगर निगम परिसर में रखा गया है।
उन्होंने कहा कि प्रतिमा को न तो कहीं फेंका गया है और न ही उसे क्षतिग्रस्त किया गया है। निर्माण कार्य के दौरान उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
नगर निगम की ओर से बताया गया कि शहर के प्रमुख चौराहों और तिराहों को बेहतर स्वरूप देने के लिए सौंदर्यीकरण के कार्य कराए जा रहे हैं। यातायात तिराहा भी इसी योजना का हिस्सा है। निर्माण और जीर्णोद्धार के दौरान वहां मौजूद प्रतिमा को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थान पर रखना इसी प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है।
अब लोगों की नजर इस बात पर है कि सौंदर्यीकरण का काम पूरा होने के बाद डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा को किस स्थान पर स्थापित किया जाता है। सामाजिक संगठनों की मांग है कि प्रतिमा को सम्मानजनक तरीके से उसी स्थान पर पुनः स्थापित किया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा शहर की राष्ट्रीय भावना और इतिहास से जुड़ी हुई है। इसलिए सौंदर्यीकरण के बाद प्रतिमा की पुनर्स्थापना को लेकर स्पष्ट निर्णय लिया जाना चाहिए।
फिलहाल नगर निगम की सफाई के बाद प्रतिमा को लेकर स्थिति कुछ हद तक स्पष्ट हुई है। निगम का कहना है कि प्रतिमा सुरक्षित है और पूरे कार्य को नियमानुसार तथा महापुरुष के सम्मान को ध्यान में रखते हुए कराया जा रहा है।