सीएम योगी ने अधिकारियों को चेताया, लंबित मामलों का समयबद्ध करें निस्तारण
मुख्यमंत्री ने लंबित मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि राजस्व वादों सहित सभी लंबित प्रकरणों का निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारण किया जाए। उन्होंने छह माह से अधिक समय से लंबित मामलों की विशेष समीक्षा कर विलंब के कारणों की जांच करने तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्राथमिकता प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक न्याय और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए तथा जरूरतमंदों के उपचार एवं अन्य आवश्यक सहायता में किसी प्रकार की बाधा न आने दी जाए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बच्चों और उनके अभिभावकों से भी संवाद किया। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षित और जागरूक पीढ़ी ही विकसित एवं सशक्त भारत की आधारशिला है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए इन क्षेत्रों में सतत सुधार पर बल दिया।
इस दौरान Hapur से आई एक छात्रा ने अपने परिवार की आर्थिक कठिनाइयों और पढ़ाई में आ रही समस्याओं की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। छात्रा की बात सुनकर मुख्यमंत्री ने उसे आश्वस्त करते हुए कहा, "बेटा! तुम सिर्फ पढ़ाई करो, बाकी हम पर छोड़ दो।" साथ ही संबंधित अधिकारियों को छात्रा की हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देशों से स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, सुशासन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक जवाबदेही को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।