सहजनवां में जमीन कब्जे के प्रयास का आरोप, गीडा CEO से कार्रवाई की मांग

गेट खोलने के प्रयास का विरोध करने पर गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप, डायल-112 पर दी सूचना

 

सहजनवां, गोरखपुर। नगर पंचायत सहजनवां के वार्ड नंबर-2 में भूमि विवाद को लेकर एक नया मामला सामने आया है। कैलाश यादव नामक व्यक्ति ने कुछ लोगों पर उसके मकान के गेट के पास पहुंचकर कथित तौर पर कब्जे का प्रयास करने और विरोध करने पर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले को लेकर गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

05 अक्टूबर 2026 को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, कैलाश यादव सुबह करीब 8:30 से 9 बजे के बीच अपने मकान के बरामदे में बैठा था। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोग उसके मकान के गेट के पास पहुंचे और गेट खोलने का प्रयास करने लगे। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उसने इसका विरोध किया तो संबंधित लोगों ने कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए धमकी दी।

कैलाश यादव ने आरोप लगाया कि संबंधित लोग उसके सहन दरवाजे की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए उसने डायल-112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, पुलिस के मौके पर पहुंचने तक वहां लोगों की भीड़ एकत्र हो गई थी।

जमीन को लेकर पुराना विवाद भी न्यायालय में

शिकायतकर्ता ने अपने प्रार्थना पत्र में जमीन से जुड़े पुराने विवाद का भी उल्लेख किया है। पत्र के अनुसार, गाटा संख्या 163, बोक्टा से संबंधित वाद संख्या 1248/2005, कैलाश यादव बनाम बैजनाथ यादव आदि का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। पीड़ित का कहना है कि भूमि विवाद को लेकर पहले से मामला न्यायालय में चल रहा है। ऐसे में विवादित जमीन पर किसी प्रकार के हस्तक्षेप या कब्जे के प्रयास से स्थिति और गंभीर हो सकती है।

परिवार की सुरक्षा को लेकर जताई आशंका

शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि भूमि विवाद के चलते उसके और उसके परिवार के साथ भविष्य में कोई अप्रिय घटना हो सकती है। इसी आधार पर उसने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

प्रार्थना पत्र में मौके की जांच कराने, भूमि की स्थिति की पड़ताल करने और किसी भी संभावित विवाद या अप्रिय घटना को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। भूमि विवाद से जुड़े दस्तावेजों, मौके की स्थिति और दोनों पक्षों के दावों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।