धनतेरस की खरीदारी में न करें ये गलतियां, जानें किन वस्तुओं को खरीदना माना जाता है शुभ

धनतेरस पर सोना-चांदी, पीतल के बर्तन, झाड़ू और दीपक खरीदने की है परंपरा; लोहे, धारदार वस्तुओं और अनावश्यक कर्ज से बचने की मान्यता, जानें क्या कहती हैं धार्मिक परंपराएं।

 

वाराणसी । हिन्दू धर्म मे धनतेरस का विशेष धर्मिक्क और सांस्कृतिक महत्व माना जाता है । दीपावली पर्व की शुरुआत धनतेरस से ही हो जाती है ।  इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। माना जाता है की धनतेरस पर नई व शुभ वस्तुवों की ख़रीदारी करने और विधि विधान से पुजा करने से माँ लक्ष्मी प्रशन होती है और घर मे सुख शांति और खुशाली आती है । लेकिन यह जानना आवयशक है की परंपरा के अनुसार इस दिन किन चीजों की ख़रीदारी करना सुभ माना जाता है और किन चीजों से परहेज करना अवशयक है ? 

 

धनतेरस पर क्या खरीदना माना जाता है शुभ 

धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए महंगी खरीदारी करना जरूरी नहीं है। अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार भी कई चीजें खरीदी जा सकती हैं।


- सोना और चांदी: इस दिन सोने-चांदी के आभूषण, सिक्के और अन्य वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है।
- पीतल और तांबे के बर्तन: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन धातु के बर्तन खरीदना शुभ होता है।
- झाड़ू: झाड़ू को माता लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। इसे खरीदना घर से दरिद्रता दूर करने का प्रतीक माना जाता है।
- धनिया के बीज: धनतेरस पर साबुत धनिया खरीदकर पूजा में रखने की परंपरा है।
- दीपक: इस दिन मिट्टी के दीपक खरीदना और जलाना शुभ माना जाता है।
- नए वाहन और इलेक्ट्रॉनिक सामान: कई लोग इस अवसर पर अपनी जरूरत के अनुसार वाहन, मोबाइल और घरेलू उपकरण भी खरीदते हैं।

 

धनतेरस पर किन चीजों को खरीदने से करें परहेज?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस के दिन कुछ वस्तुओं की खरीदारी को शुभ नहीं माना जाता है। हालांकि, ये परंपरागत मान्यताएं हैं, कोई अनिवार्य धार्मिक नियम नहीं।

- लोहा: इस दिन लोहे की वस्तुएं खरीदने से बचने की पारंपरिक सलाह दी जाती है।
- नुकीली वस्तुएं: चाकू, कैंची और अन्य धारदार सामान खरीदने से परहेज करने की मान्यता है।
- कांच का सामान: कुछ मान्यताओं में कांच की वस्तुओं को खरीदना शुभ नहीं माना जाता।
- प्लास्टिक की वस्तुएं: पारंपरिक रूप से इस दिन प्लास्टिक के सामान की खरीदारी को प्राथमिकता नहीं दी जाती।
- उधार लेकर खरीदारी: अपनी आर्थिक क्षमता से अधिक खर्च करने और अनावश्यक कर्ज लेने से बचना चाहिए।

धनतेरस का पर्व केवल खरीदारी और धन-संपत्ति का उत्सव नहीं, बल्कि सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना का प्रतीक भी है। ऐसे में धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करते हुए अपनी जरूरत और बजट के अनुसार खरीदारी करना ही समझदारी है।