दुर्गा पूजा के चार दिन: भक्ति, शक्ति और उत्सव से गुलजार होंगे पूजा पंडाल
वाराणसी। शारदीय नवरात्र के अवसर पर दुर्गा पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिलता है। पूजा के चार प्रमुख दिनों में पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन-पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इन दिनों पूरा माहौल भक्तिमय हो जाता है और जगह-जगह धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रौनक बढ़ जाती है।
दुर्गा पूजा के दौरान षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी और नवमी का विशेष महत्व माना जाता है। षष्ठी से पूजा पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन शुरू होने की परंपरा है। सप्तमी को विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है, जबकि महाष्टमी पर विशेष पूजन और आरती का आयोजन होता है। नवमी के दिन भी श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं।
पूजा पंडालों में आकर्षक सजावट, मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाएं और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से पर्व की छटा देखते ही बनती है। श्रद्धालुओं के साथ बच्चे, युवा और बुजुर्ग भी उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आस्था का पर्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक भी है।
मां दुर्गा की आराधना के इन चार दिनों में श्रद्धालु बुराई पर अच्छाई की जीत और शक्ति की उपासना का संदेश ग्रहण करते हैं।