काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़, दर्शन से पहले जान लें जरूरी नियम और व्यवस्थाएं
वाराणसी। धर्मनगरी काशी में स्थित श्री काशी विश्वनाथ धाम में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन और पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के निर्माण के बाद मंदिर परिसर की भव्यता और सुविधाओं में हुए विस्तार ने श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख काशी विश्वनाथ मंदिर सनातन आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। मंदिर में प्रतिदिन सुबह मंगला आरती से लेकर रात्रि शयन आरती तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होते हैं। श्रद्धालु सामान्य दर्शन के अलावा सुगम दर्शन और विशेष आरती में भी भाग ले सकते हैं, जिसके लिए पूर्व बुकिंग की व्यवस्था उपलब्ध है।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। परिसर में मोबाइल फोन, कैमरा, बैग तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर प्रतिबंध है। श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित स्थानों पर लॉकर और सामान रखने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धालु गंगा स्नान के बाद कालभैरव मंदिर में दर्शन कर बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचते हैं। इसे काशी यात्रा का पारंपरिक और शुभ क्रम माना जाता है। विशेष अवसरों, सावन माह और सोमवार को मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है, जिसके चलते दर्शन के लिए लंबा इंतजार भी करना पड़ सकता है।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें तथा दर्शन के लिए समय से पूर्व पहुंचें। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
काशी विश्वनाथ धाम आज केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन चुका है। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु यहां की दिव्य और अलौकिक अनुभूति को अपने जीवन की अविस्मरणीय स्मृतियों में शामिल कर रहे हैं।