Aaj Ka Panchang: धनतेरस पर बन रहा विशेष संयोग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

धनतेरस पर प्रदोष व्रत का भी संयोग, सुबह 10:30 बजे तक द्वादशी तिथि, अभिजित मुहूर्त में कर सकते हैं शुभ कार्य
 

Aaj Ka Panchang: आज शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि के साथ धनतेरस का पर्व मनाया जा रहा है। आज प्रदोष व्रत का भी विशेष संयोग है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन शुभ मुहूर्त में खरीदारी और पूजा-अर्चना करना मंगलकारी माना जाता है।

पंचांग के अनुसार आज द्वादशी तिथि सुबह 10:30 बजे तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होगी। शुक्रवार को हस्त नक्षत्र, विष्कुम्भ योग और तैतिल करण का संयोग बन रहा है। चंद्रमा कन्या राशि में और सूर्य तुला राशि में विराजमान रहेंगे।

आज विक्रम संवत 2083 (रौद्र), शक संवत 1948, दक्षिणायन, दक्षिण गोल और शरद ऋतु है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की यह तिथि धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

पंचांग के अनुसार शुक्रवार को सूर्योदय सुबह 6:41 बजे और सूर्यास्त शाम 5:27 बजे होगा। चंद्रोदय अगले दिन तड़के 4:40 बजे (28:40) तथा चंद्रास्त दोपहर 3:34 बजे होगा।

आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त

आज राहुकाल सुबह 10:30 बजे से 11:45 बजे तक रहेगा। इस अवधि में शुभ कार्यों से बचने की धार्मिक मान्यता है। वहीं अभिजित मुहूर्त सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक रहेगा। इसे शुभ कार्यों के लिए अनुकूल समय माना गया है।

प्रदोष काल शाम 5:28 बजे से रात 8:09 बजे तक रहेगा। धनतेरस और प्रदोष व्रत के संयोग के चलते इस समय का विशेष धार्मिक महत्व है।

दिन के चौघड़िया मुहूर्त

आज दिन में शुभ-अशुभ चौघड़िया का समय इस प्रकार रहेगा—

  • चर मुहूर्त: सुबह 6:41 से 8:02 बजे तक।

  • लाभ मुहूर्त: सुबह 8:02 से 9:23 बजे तक।

  • अमृत मुहूर्त: सुबह 9:23 से 10:30 बजे तक।

  • काल चौघड़िया: सुबह 10:30 से 11:45 बजे तक।

  • शुभ मुहूर्त: दोपहर 12:28 से 1:35 बजे तक।

  • रोग चौघड़िया: दोपहर 1:35 से 2:46 बजे तक।

  • उद्वेग चौघड़िया: दोपहर 2:46 से 4:07 बजे तक।

  • चर मुहूर्त: शाम 4:07 से 5:27 बजे तक।

धनतेरस से भाई दूज तक त्योहारों की श्रृंखला

दीपावली से जुड़े प्रमुख पर्वों की शुरुआत धनतेरस के साथ हो रही है। आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहार मनाए जाएंगे।

  • 6 नवंबर, शुक्रवार: धनतेरस, धन त्रयोदशी और प्रदोष व्रत।

  • 7 नवंबर, शनिवार: श्रीधन्वंतरि जयंती, श्रीहनुमान जयंती और मास शिवरात्रि व्रत।

  • 8 नवंबर, रविवार: नरक चतुर्दशी, दीपावली और श्रीमहालक्ष्मी पूजन।

  • 9 नवंबर, सोमवार: सोमवती अमावस्या, श्रीमहावीर निर्वाण दिवस और पंजाब में विश्वकर्मा दिवस।

  • 10 नवंबर, मंगलवार: अन्नकूट और गोवर्धन पूजा।

  • 11 नवंबर, बुधवार: भाई दूज, यम द्वितीया, दवात पूजन और विश्वकर्मा पूजा।

इसके अलावा 15 नवंबर को रविवार के दिन छठ पूजा और 16 नवंबर को सोमवार के दिन मार्गशीर्ष संक्रांति मनाई जाएगी।

धार्मिक महत्व:

धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा, दीपदान और शुभ वस्तुओं की खरीदारी का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है।

नोट: पंचांग में दिए गए समय रेलवे समय और ज्योतिषीय गणना के अनुसार हैं। स्थानीय सूर्योदय एवं पंचांग की गणना के अनुसार समय में अंतर संभव है।