चलती ट्रेन में बना 'सुहागरात का कमरा', वायरल वीडियो के बाद टीटीई सस्पेंड

 
 फर्स्ट एसी को होटल रूम की तरह सजाया, वायरल वीडियो के बाद रेलवे ने की कार्रवाई

नई दिल्ली। नंदीग्राम एक्सप्रेस के प्रथम श्रेणी वातानुकूलित (फर्स्ट एसी) कोच में एक दंपति के लिए कूपे को सुहागरात के कमरे की तरह सजाए जाने का मामला सामने आने के बाद भारतीय रेलवे ने सख्त कार्रवाई की है। दक्षिण मध्य रेलवे ने इस मामले में संबंधित यात्रा टिकट परीक्षक (टीटीई) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है।

दक्षिण मध्य रेलवे की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 6 जुलाई को नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में यात्रा कर रहे एक दंपति ने ऑनलाइन माध्यम से एक डेकोरेटर की सेवा ली थी। आरोप है कि डेकोरेटर को अनधिकृत रूप से कोच के अंदर प्रवेश करने की अनुमति दी गई, जहां उसने कूपे को फूलों और सजावटी सामग्री से सजा दिया।

इस पूरी सजावट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया। जांच में पाया गया कि बिना अनुमति किसी बाहरी व्यक्ति का फर्स्ट एसी कोच में प्रवेश रेलवे सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है।

रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रथम श्रेणी वातानुकूलित कोच का कूपे केवल अधिकृत यात्रियों के उपयोग के लिए होता है और किसी बाहरी व्यक्ति को उसमें प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसे सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक माना गया है।

दक्षिण मध्य रेलवे ने बताया कि प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर संबंधित टीटीई को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि वायरल वीडियो में फर्स्ट एसी कूपे को फूलों, सजावटी पर्दों और विशेष साज-सज्जा के साथ होटल के कमरे जैसा रूप दिया गया था, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा हुई। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा और नियमों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।