ज्ञानवापी को लेकर मोहन भागवत का बड़ा बयान, ज्ञानवापी के प्रति हमारी भक्ति है, लेकिन हर मस्जिद में शिवलिंग की तलाश क्यों?

 

ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी आज के हिंदू और मुसलमानों ने इसे नहीं बनाया है, यह एक इतिहास है।

 

 

रोज एक मस्जिद में शिवलिंग को क्यों देखना? झगड़ा क्यों बढ़ाना। उन्‍होंने कहा कि भारत को विश्‍वविजेता नहीं बनना है। उसका तो मकसद सभी को जोड़ने का होना चाहिए। भारत किसी को जीतने के लिए नहीं बल्कि सभी को जोड़ने के लिए अस्तित्व में है।

दरअसल, मोहन भागवत नागपुर में संघ शिक्षा वर्ग तृतीय वर्ष 2022 के समापन समारोह में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि “इस्लाम आक्रमणकारियों के जरिए भारत में आया तो भारत की स्वतंत्रता चाहने वाले लोगों का मनोबल कम करने के लिए हजारों देवस्थान तोड़े गए।

हिंदू मुसलमानों के खिलाफ नहीं सोचता है लेकिन उसे लगता है कि इनका पुनुरुद्धार होना चाहिए। हमने 9 नवंबर को ही कह दिया था कि राम मंदिर के बाद हम कोई आंदोलन नहीं करेंगे। लेकिन मुद्दे मन में हैं तो उठते हैं। ऐसा कुछ है तो आपस में मिलकर-जुलकर मुद्दा सुलझाएं।”

भागवत ने कहा है कि विश्व में भारत माता की विजय करानी है क्योंकि हमको सबको जोड़ना है न कि जीतना है। उन्होंने कहा, “हम किसी को जीतना नहीं चाहते लेकिन दुनिया में दुष्ट लोग हैं जो हमें जीतना चाहता है।”

उन्होंन कहा, “आपस में लड़ाई नहीं होनी चाहिए। आपस में प्रेम चाहिए। विविधता को अलगाव की तरह नहीं देखना चाहिए। एक-दूसरे के दुख में शामिल होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि विविधता एकत्व की साज-सज्जा है, अलगाव नहीं है।