बारिश के मौसम में हेलमेट की सफाई क्यों है जरूरी, जानिए आसान उपाय
बारिश के मौसम में लगातार नमी, पसीना और धूप की कमी के कारण हेलमेट के अंदर बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपने लगते हैं। यही वजह है कि कुछ ही दिनों में हेलमेट से दुर्गंध आने लगती है। समय पर सफाई न करने से यह समस्या बढ़ने के साथ-साथ त्वचा और सिर से जुड़ी परेशानियों का कारण भी बन सकती है। कुछ आसान उपाय अपनाकर हेलमेट को साफ, सुरक्षित और बदबू रहित रखा जा सकता है।
पैड और लाइनर की नियमित सफाई करें
यदि हेलमेट में रिमूवेबल पैड या लाइनर है, तो उसे निकालकर गुनगुने पानी में हल्के साबुन या शैंपू से धोएं। पूरी तरह सूखने के बाद ही दोबारा लगाएं। गीले पैड लगाने से नमी और बदबू दोनों बढ़ सकती हैं। यदि लाइनर नहीं निकलता है, तो माइक्रोफाइबर कपड़े को हल्के साबुन वाले पानी में भिगोकर अंदर की सतह साफ करें और सूखे कपड़े से नमी पोंछ दें। इसके बाद हेलमेट को हवादार स्थान पर सुखाएं। लंबे समय तक तेज धूप में रखने से हेलमेट की बाहरी परत और अंदर की फोम को नुकसान पहुंच सकता है।
भीगे हेलमेट को तुरंत बंद जगह में न रखें
बारिश में हेलमेट भीग जाने पर उसे सीधे अलमारी, बैग या बाइक की डिक्की में रखने से बचें। ऐसा करने पर नमी अंदर ही फंस जाती है, जिससे बैक्टीरिया और फंगस तेजी से विकसित होते हैं। हेलमेट को पूरी तरह सूखने के बाद ही सुरक्षित स्थान पर रखें।
हेलमेट सैनिटाइजर स्प्रे का करें इस्तेमाल
हेलमेट के अंदर की दुर्गंध दूर करने के लिए विशेष हेलमेट सैनिटाइजर स्प्रे का उपयोग किया जा सकता है। इसकी अनुपस्थिति में हल्के एंटीबैक्टीरियल स्प्रे का सीमित मात्रा में प्रयोग भी किया जा सकता है। हालांकि, तेज खुशबू वाले परफ्यूम या डियोड्रेंट का सीधे अंदर छिड़काव नहीं करना चाहिए, क्योंकि इनमें मौजूद रसायन फोम और लाइनर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
हेलमेट पहनने से पहले रखें सफाई का ध्यान
गीले बालों या अत्यधिक पसीने के साथ हेलमेट पहनने से उसके अंदर नमी लंबे समय तक बनी रहती है। इसलिए हेलमेट पहनने से पहले सिर और बालों को साफ व सूखा रखें। आवश्यकता हो तो कॉटन का हेलमेट कैप पहनें, जिससे पसीना सोखने में मदद मिलती है और लाइनर जल्दी गंदा नहीं होता।
नियमित रखरखाव है जरूरी
यदि हेलमेट का रोजाना उपयोग करते हैं, तो सप्ताह में कम से कम एक बार उसकी सफाई अवश्य करें। साथ ही समय-समय पर अंदर के पैड और लाइनर की स्थिति भी जांचते रहें। यदि वे फट गए हों, घिस चुके हों या लगातार बदबू कर रहे हों, तो उन्हें बदल देना ही बेहतर विकल्प है। नियमित देखभाल से हेलमेट लंबे समय तक सुरक्षित, स्वच्छ और उपयोग योग्य बना रहता है।