नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का नया खेल, रजिस्ट्रेशन फीस मांगने वालों से रहें सावधान

रजिस्ट्रेशन फीस, फर्जी नियुक्ति पत्र और आकर्षक सैलरी के लालच में न आएं युवा; कंपनी की जांच से लेकर साइबर हेल्पलाइन 1930 तक जानें बचाव के तरीके।

 

नौकरी और इंटर्नशिप के नाम पर ठगी का जाल, आकर्षक ऑफर देखकर न करें जल्दबाजी; ऐसे बचाएं अपनी कमाई और निजी जानकारी

वाराणसी। कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने से पहले इंटर्नशिप और नौकरी की तलाश करना आज के युवाओं के लिए आम बात हो गई है। ऑनलाइन जॉब पोर्टल, सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से रोजगार के अवसर आसानी से मिल जाते हैं। लेकिन इसी सुविधा का फायदा उठाकर साइबर ठग युवाओं को निशाना बना रहे हैं।

घर बैठे काम, बिना अनुभव के नौकरी और हजारों रुपये के मासिक वेतन का लालच देकर उनसे रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट और ट्रेनिंग चार्ज के नाम पर पैसे वसूले जा रहे हैं। ऐसे में नौकरी की तलाश कर रहे विद्यार्थियों को किसी भी ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच करना जरूरी है।

नौकरी के नाम पर कैसे होती है ठगी?

साइबर ठग अक्सर व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, ईमेल और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से संपर्क करते हैं। वे किसी प्रतिष्ठित कंपनी का नाम और लोगो इस्तेमाल करके आकर्षक जॉब ऑफर भेजते हैं।

कई बार बिना इंटरव्यू या किसी खास योग्यता के नौकरी देने का दावा किया जाता है। उम्मीदवार को जल्द चयन का भरोसा दिलाकर आवेदन शुल्क, दस्तावेज सत्यापन शुल्क या सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करने के लिए कहा जाता है।

कुछ मामलों में ठग फर्जी नियुक्ति पत्र और कंपनी के नाम से मिलती-जुलती वेबसाइट का इस्तेमाल भी करते हैं। पैसे मिलने के बाद वे संपर्क बंद कर देते हैं या नए-नए बहाने बनाकर और रकम मांगते हैं। इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर भुगतान करना जोखिम भरा हो सकता है।

इन संकेतों से पहचानें फर्जी जॉब ऑफर

नौकरी देने के नाम पर ठगी करने वाले लोग अक्सर कुछ सामान्य तरीके अपनाते हैं। यदि कोई कंपनी बिना इंटरव्यू और चयन प्रक्रिया के अधिक वेतन वाली नौकरी देने का दावा करती है, तो उसकी सत्यता जांचनी चाहिए। नौकरी पक्की करने के लिए पहले पैसे जमा करने का दबाव बनाना भी संदेह का कारण है।

इसी तरह कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, कार्यालय का पता, भर्ती करने वाले व्यक्ति की पहचान और काम से जुड़ी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं होना भी खतरे का संकेत हो सकता है।

यदि शुरुआती बातचीत में ही बैंक खाते, ओटीपी, यूपीआई पिन या पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी मांगी जाए, तो सतर्क हो जाना चाहिए। ऑफर स्वीकार करने या भुगतान करने के लिए जल्दबाजी का दबाव बनाया जाए, तब भी स्वतंत्र रूप से जांच करना जरूरी है।

नौकरी स्वीकार करने से पहले करें कंपनी की जांच

किसी भी जॉब ऑफर पर सहमति देने से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और उसके करियर पेज पर संबंधित पद की जानकारी देखें। भर्ती करने वाले व्यक्ति के ईमेल पते की जांच करें और कंपनी के आधिकारिक संपर्क नंबर पर फोन करके नियुक्ति की पुष्टि करें। केवल सोशल मीडिया प्रोफाइल या वेबसाइट देखकर किसी संस्था को विश्वसनीय नहीं मानना चाहिए।

इंटर्नशिप के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को काम की जिम्मेदारी, प्रशिक्षण की अवधि, स्टाइपेंड, प्रमाणपत्र और चयन प्रक्रिया की जानकारी लिखित रूप में लेनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर कॉलेज के प्लेसमेंट सेल, विभाग के शिक्षकों या करियर काउंसलर से भी सलाह ली जा सकती है।

छात्र इन सावधानियों को न करें नजरअंदाज

ऑनलाइन नौकरी की तलाश करते समय अपनी निजी और बैंक संबंधी जानकारी सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंक खाते का पासवर्ड साझा न करें।

नौकरी दिलाने के नाम पर अचानक मांगी गई रकम का भुगतान करने से बचें। आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज केवल सत्यापित संस्था को और जरूरी होने पर ही उपलब्ध कराएं। दस्तावेज साझा करते समय उन पर उद्देश्य और तारीख का वॉटरमार्क लगाना भी उपयोगी हो सकता है।

इसके अलावा नौकरी से जुड़े ईमेल, व्हाट्सऐप चैट, भुगतान की रसीद और नियुक्ति पत्र की कॉपी सुरक्षित रखें। किसी भी ऑफर को स्वीकार करने से पहले वेतन, काम के घंटे, जिम्मेदारियों और अन्य शर्तों को ध्यान से पढ़ें।

ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत

यदि किसी युवक या युवती के साथ नौकरी अथवा इंटर्नशिप के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है, तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

शिकायत के दौरान संबंधित मोबाइल नंबर, ईमेल, बैंक या यूपीआई लेनदेन का विवरण, भुगतान की रसीद और बातचीत के स्क्रीनशॉट उपलब्ध रखना उपयोगी होता है। समय रहते शिकायत करने से संबंधित एजेंसियों को लेनदेन पर कार्रवाई करने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, शिकायत दर्ज कराने से पैसे वापस मिलने की गारंटी नहीं होती।

जागरूकता से बच सकती है मेहनत की कमाई

नौकरी और इंटर्नशिप युवाओं के करियर की शुरुआत का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे अवसरों की तलाश करते समय केवल आकर्षक वेतन या जल्दी नौकरी मिलने के दावे पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। कंपनी की विश्वसनीयता, काम की प्रकृति और नियुक्ति की शर्तों की जांच करना भी उतना ही जरूरी है। थोड़ी-सी सतर्कता युवाओं को आर्थिक नुकसान और पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी से बचा सकती है।