World Vitiligo Day : विटिलिगो सफेद दाग नहीं, त्वचा के रंग में बदलाव है! विटिलिगो को समझने और स्वीकारने की हैं जरूरत, जानें मिथक और सच्चाई

25 जून विश्व विटिलिगो दिवस पर जानिए विटिलिगो (सफेद दाग) से जुड़े मिथक और सच्चाई। यह न छुआछूत है और न ही संक्रामक बीमारी। जरूरत है जागरूकता, स्वीकार्यता और समान व्यवहार की।
 
विटिलिगो कोई छुआछूत या संक्रामक बीमारी नहीं है।यह केवल त्वचा के रंग को प्रभावित करता है, व्यक्ति की क्षमताओं को नहीं। भारत में विटिलिगो की व्यापकता 0.5% से 8.8% तक आंकी गई है।इसके प्रमुख कारणों में ऑटोइम्यून प्रतिक्रिया, तनाव, आनुवंशिकता और पर्यावरणीय कारक शामिल हैं।समाज में फैली गलत धारणाएं प्रभावित व्यक्ति को बीमारी से ज्यादा मानसिक रूप से प्रभावित करती हैं। - (अनुष्का ठाकुर 

 World Vitiligo Day 2026, 25th June : अकसर लोग खूबसूरती की तुलना चांद के साथ करते हैं पर जब वही दाग लोगों पर नज़र आ जाए तो? उसे स्वीकार नहीं कर पाते हैं। लोगों को बड़ा असामान्य महसूस करते हैं।  सफेद रंग को खुशी, सौभाग्य और शांति का प्रतीक माना जाता हैं न? फिर हमारा ये सफेद रंग दाग कैसे हो सकता हैं?

 

सफेद दाग (विटिलिगो) क्या है?

विटिलिगो त्वचा की स्थिति हैं जिसमें त्वचा का रंग सफेद होने लगता हैं।भारत में पहले विटिलिगो (सफेद दाग) की व्यापकता (prevalence) लगभग 0.5% थी, जो अब विभिन्न मेडिकल अध्ययनों के अनुसार बढ़कर 0.5% से लेकर 8.8% तक आंकी गई है । इसका मतलब है कि औसतन हर 100 में से लगभग 1 व्यक्ति से लेकर अधिक प्रभावित क्षेत्रों में 100 में से 9 लोग तक विटिलिगो हो सकते है । 


प्रकृति : यह कोई छुआछूत या संक्रामक बीमारी नहीं है। यह छूने या साथ बैठने, खाने से बिल्कुल नहीं फैलती। विटिलिगो एक गैर-संक्रामक (Non-Contagious) और दीर्घकालिक (Chronic) त्वचा संबंधी स्थिति है, जो केवल त्वचा के रंग को प्रभावित करती है। यह किसी व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती।

विटिलिगो के कारण : हालांकि इसके सटीक कारण अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन विटिलिगो के लिए आमतौर पर चार मुख्य कारकों को जिम्मेदार ठहराया जाता है।

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1. स्वप्रतिरक्षित प्रतिक्रिया (Autoimmune Response)

विटिलिगो का प्रमुख कारण स्वप्रतिरक्षित प्रतिक्रिया माना जाता है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से मेलानोसाइट्स (रंग बनाने वाली कोशिकाओं) पर हमला कर देती है, जिससे त्वचा पर सफेद धब्बे बनने लगते हैं।


2. पर्यावरणीय कारक (Environmental Factors)

अत्यधिक धूप, त्वचा पर चोट, कुछ रसायनों का संपर्क और प्रदूषण जैसे पर्यावरणीय कारक विटिलिगो को ट्रिगर कर सकते हैं। ये कारक बीमारी की शुरुआत या इसके फैलाव में भूमिका निभा सकते हैं।


3. अत्यधिक मानसिक एवं शारीरिक तनाव (Stress)

लंबे समय तक रहने वाला मानसिक या शारीरिक तनाव शरीर के संतुलन को प्रभावित कर सकता है। कई मामलों में तनाव को विटिलिगो के लक्षणों को बढ़ाने वाला कारक माना जाता है।


4. आनुवंशिकता (Genetics) 

विटिलिगो केवल आनुवंशिक कारणों से नहीं होता, लेकिन परिवार में इसका इतिहास होने पर इसकी संभावना बढ़ सकती है। आनुवंशिकता एक जोखिम कारक है, न कि इसका निश्चित कारण।


 

विटिलिगो को ले कर गलत धारणाएं (Myths About Vitiligo) 

 

  •  मिथक : विटिलिगो छूने से फैलता है।
  •  सच्चाई :  विटिलिगो बिल्कुल भी संक्रामक नहीं है और किसी के संपर्क में आने से नहीं फैलता।

 

  • मिथक : विटिलिगो किसी पिछले जन्म के कर्मों का परिणाम है।
  • सच्चाई : यह एक चिकित्सकीय स्थिति है, जिसका धर्म या कर्मों से कोई संबंध नहीं है।

 

  • मिथक : विटिलिगो वाले लोग सामान्य जीवन नहीं जी सकते।
  • सच्चाई : विटिलिगो केवल त्वचा के रंग को प्रभावित करता है, व्यक्ति की क्षमताओं को नहीं।

  • मिथक : विटिलिगो केवल गलत खान-पान से होता है।
  • सच्चाई : इसका मुख्य संबंध प्रतिरक्षा प्रणाली, आनुवंशिकता और अन्य जैविक कारकों से होता है।

  • मिथक : विटिलिगो का कोई इलाज संभव नहीं है।
  • सच्चाई : कई उपचार विकल्प उपलब्ध हैं, जो इसके लक्षणों को नियंत्रित करने और त्वचा के रंग को वापस लाने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इसे ठीक करने का कोई निश्चित उपाय नहीं हैं।

 "See the Person, Not the Vitiligo" 

जिन्हें विटिलिगो हैं उन्हें विटिलिगो उतना प्रभावित नहीं करता जितना समाज की, और आस पास के लोगों की बातें प्रभावित करती हैं। जिन्हें विटिलिगो हैं उन्हें अक्सर लोग कोई न कोई इलाज़ बताते हैं ।

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हालांकि ये लोग अपने अनुसार सामने वाले के लिए कुछ अच्छा करने की कोशिश करते हैं ,पर यहां ये समझना जरूरी हैं कि जब हम किसी को इलाज के लिए कहते हैं तो हम पहले ही उन्हें ऐसा महसूस करा देते हैं कि तुम असामान्य हो ,या तुम्हे कोई बीमारी हैं जो कि बिल्कुल गलत हैं, विटिलिगो कोई बीमारी नहीं हैं, ये बस रंग हैं । 

लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जिन्हें विटिलिगो हैं उन्हें कोई विशेष व्यवहार या उपचार की आवश्यकता नहीं हैं ।