AI डीपफेक और फर्जी विज्ञापनों के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचीं श्रुति हासन, पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की मांग

 अभिनेत्री श्रुति हासन ने AI डीपफेक, फर्जी एंडोर्समेंट और बिना अनुमति उनकी तस्वीर व नाम के इस्तेमाल के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने आपत्तिजनक कंटेंट हटाने और अपनी पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की मांग की है।
 
 अभिनेत्री श्रुति हासन ने AI डीपफेक, फर्जी विज्ञापनों और बिना अनुमति तस्वीर व नाम के इस्तेमाल के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की। जानिए पूरा मामला।

मुंबई। अभिनेत्री श्रुति हासन ने अपनी पर्सनैलिटी राइट्स (Personality Rights) और पब्लिसिटी राइट्स (Publicity Rights) की सुरक्षा के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी तस्वीर, नाम, आवाज और पहचान का इस्तेमाल AI डीपफेक तकनीक, फर्जी विज्ञापनों और बिना अनुमति तैयार किए गए मर्चेंडाइज में किया जा रहा है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने दी वाणिज्यिक मुकदमा दायर करने की अनुमति

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अभय आहूजा ने लेटर्स पेटेंट के क्लॉज XII के तहत श्रुति हासन को वाणिज्यिक (Commercial) मुकदमा दायर करने की अनुमति प्रदान की। यह अनुमति उन मामलों में दी जाती है, जहां विवाद का कुछ हिस्सा अदालत के क्षेत्राधिकार से बाहर होने के बावजूद न्यायिक सुनवाई आवश्यक मानी जाती है।

Google, Meta, X समेत कई प्लेटफॉर्म बनाए गए पक्षकार

श्रुति हासन ने अपनी याचिका में कई भारतीय और विदेशी कंपनियों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और अज्ञात (John Doe) प्रतिवादियों को पक्षकार बनाया है। इनमें Google (YouTube), Meta (Facebook और Instagram), X (पूर्व में Twitter), Pinterest सहित कई डिजिटल प्लेटफॉर्म शामिल हैं।

इसके अलावा महालक्ष्मी आर्ट्स एंड क्राफ्ट वर्क्स पर आरोप लगाया गया है कि वह ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर श्रुति हासन की तस्वीर और नाम वाले पोस्टर बिना अनुमति बेच रहा है।

AI डीपफेक और फर्जी कंटेंट से छवि को नुकसान

याचिका में कहा गया है कि AI और डीपफेक तकनीक की मदद से श्रुति हासन का चेहरा अन्य लोगों के साथ जोड़कर फर्जी वीडियो और तस्वीरें बनाई जा रही हैं। दावा किया गया है कि इनमें कुछ सामग्री भ्रामक, आपत्तिजनक और अश्लील प्रकृति की है, जिससे उनकी सार्वजनिक छवि और प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है।

अदालत से क्या मांग की गई?

श्रुति हासन ने अदालत से अनुरोध किया है कि उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, तस्वीर, आवाज या पहचान का किसी भी प्रकार से व्यावसायिक उपयोग करने पर रोक लगाई जाए।

साथ ही उन्होंने ऐसे सभी कंटेंट को हटाने, अज्ञात आरोपियों के खिलाफ John Doe आदेश जारी करने, स्थायी निषेधाज्ञा (Permanent Injunction), हर्जाना तथा अवैध रूप से अर्जित लाभ का हिसाब देने के निर्देश जारी करने की मांग की है।

बताया जा रहा है कि मामले में अंतरिम राहत (Interim Relief) को लेकर जल्द ही न्यायमूर्ति माधव जमदार की अदालत में सुनवाई हो सकती है।