आम आदमी पार्टी में बड़ी बगावत! राघव चड्ढा समेत तीन राज्यसभा सांसदों ने थामा बीजेपी का दामन

आम आदमी पार्टी में बड़ी बगावत! राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने पार्टी छोड़ बीजेपी में शामिल होने का एलान किया। जानें पूरी खबर।
 

नई दिल्ली।  राजधानी की राजनीति में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब आम आदमी पार्टी (AAP) के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपने पद से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की घोषणा कर दी। चड्ढा के साथ पार्टी के रणनीतिकार माने जाने वाले संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भी 'आप' को अलविदा कह दिया है।

 

"मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति था" – राघव चड्ढा

नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए राघव चड्ढा ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “मैं अब तक गलत पार्टी में सही व्यक्ति था। पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिन्हें लेने से पहले के नेता हिचकते थे।” उन्होंने पीएम मोदी की कार्यशैली और विजन की जमकर सराहना की।

दो-तिहाई बहुमत के साथ पाला बदलने की तैयारी

राघव चड्ढा ने दावा किया कि वे अकेले नहीं जा रहे हैं, बल्कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सांसदों के साथ भाजपा में शामिल होंगे। यदि यह दावा सच साबित होता है, तो दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के तहत उनकी सदस्यता पर भी आंच नहीं आएगी, जो अरविंद केजरीवाल के लिए एक बहुत बड़ा झटका साबित हो सकता है।

पार्टी छोड़ने की मुख्य वजहें

सूत्रों के अनुसार, सांसदों के इस गुट और पार्टी नेतृत्व के बीच पिछले कुछ समय से वैचारिक मतभेद चल रहे थे। संदीप पाठक और अशोक मित्तल जैसे नेताओं का जाना पार्टी के संगठन और पंजाब-दिल्ली के चुनावी गणित को बिगाड़ सकता है। नेताओं ने मोदी सरकार के कामकाज और राष्ट्रवाद की नीतियों के प्रति अपना विश्वास जताया है।

केजरीवाल के लिए बड़ी चुनौती

आम आदमी पार्टी के लिए यह बगावत अब तक का सबसे बड़ा संकट माना जा रहा है। राज्यसभा में संख्या बल कम होने से न केवल उच्च सदन में 'आप' की आवाज कमजोर होगी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की छवि को भी नुकसान पहुँच सकता है।

अब देखना यह होगा कि भाजपा इन दिग्गजों को क्या नई जिम्मेदारी सौंपती है और अरविंद केजरीवाल इस डैमेज को कैसे कंट्रोल करते हैं।