सोना खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर! महंगा हुआ गोल्ड, फिर भी भारतीयों ने खर्च किए ₹1.98 लाख करोड़

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल-जून 2026 तिमाही में भारत में सोने की मांग 6% घटकर 131.4 टन रही। हालांकि बढ़ती कीमतों के कारण भारतीयों ने सोने की खरीद पर ₹1.98 लाख करोड़ खर्च किए।
 
 अप्रैल-जून तिमाही में 6% घटी मांग, फिर भी भारतीयों ने ₹1.98 लाख करोड़ खर्च किए

नई दिल्ली। लगातार बढ़ती सोने की कीमतों का असर अब भारतीय बाजार में साफ दिखाई देने लगा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की अप्रैल-जून 2026 तिमाही रिपोर्ट के अनुसार देश में सोने की कुल मांग सालाना आधार पर 6 प्रतिशत घटकर 131.4 टन रह गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 139.7 टन थी।

हालांकि कीमतों में तेज उछाल के कारण सोने पर कुल खर्च बढ़कर 1.98 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।

महंगा सोना, कम हुई खरीदारी

रिपोर्ट के अनुसार, सोने के गहनों की खरीद में गिरावट दर्ज की गई है। बढ़ती कीमतों, आयात लागत और कस्टम ड्यूटी के प्रभाव से उपभोक्ताओं ने खरीदारी सीमित की। इसके बावजूद त्योहारों और शादियों की पारंपरिक मांग पूरी तरह खत्म नहीं हुई।

खर्च में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

सोने की मांग कम होने के बावजूद इसकी ऊंची कीमतों ने कुल खर्च को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। अप्रैल-जून 2026 के दौरान भारतीय ग्राहकों ने ₹1,98,100 करोड़ मूल्य का सोना खरीदा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा ₹1,32,500 करोड़ था।

वैश्विक स्तर पर मांग रही स्थिर

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर सोने की मांग लगभग स्थिर रही। अप्रैल-जून तिमाही में दुनिया भर में कुल 1,269 टन सोने की मांग दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के लगभग बराबर है।

गहनों की खरीद में कमी आई, लेकिन गोल्ड ईटीएफ (ETF) और सोने के सिक्कों में निवेशकों की रुचि मजबूत बनी रही।

क्यों घटी सोने की मांग?

विशेषज्ञों के अनुसार मांग में गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण हैं- सोने की लगातार बढ़ती कीमतें, आयात लागत और कस्टम ड्यूटी में वृद्धि, शादी और त्योहारों का अपेक्षाकृत कमजोर सीजन, गैर-जरूरी खरीदारी में कमी...

दिवाली तक क्या रह सकते हैं भाव?

केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार, मौजूदा स्तर पर सोने की कीमतें अपने ऑल टाइम हाई से करीब 26 प्रतिशत नीचे हैं, लेकिन मार्च 2023 की तुलना में अब भी काफी अधिक हैं।

उनका अनुमान है कि दिवाली तक सोने का भाव ₹1.55 लाख से ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के बीच रह सकता है।

सोने की कीमतों को सहारा देने वाले प्रमुख कारण

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोने की कीमतों को दो बड़े कारक समर्थन दे सकते हैं- 

डॉलराइजेशन में कमी: कई देश डॉलर पर निर्भरता कम कर वैकल्पिक माध्यमों से व्यापार कर रहे हैं, जिससे सोने की मांग बढ़ सकती है।

भारतीय निवेश और परंपरा: भारत में सोना केवल आभूषण नहीं, बल्कि निवेश और सांस्कृतिक परंपरा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। शादी, त्योहार और शुभ अवसरों पर इसकी खरीद जारी रहती है।

आगे क्या रहेगा ट्रेंड?

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने वर्ष 2026 के लिए भारत में 650 से 750 टन सोने की कुल मांग का अनुमान जताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि साल की दूसरी छमाही में रक्षाबंधन, नवरात्रि, दशहरा, धनतेरस, दिवाली और विवाह सीजन के चलते मांग में सुधार देखने को मिल सकता है।

हालांकि ऊंची कीमतें उपभोक्ताओं के खरीदारी के तरीके को प्रभावित करती रहेंगी।