मधुबनी में बड़े सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, दो नाबालिग समेत पांच युवतियां रेस्क्यू

रेस्ट हाउस की आड़ में चल रहा था देह व्यापार, पुलिस छापे से मची भगदड़

 

मधुबनी (पंडौल)। बिहार के मधुबनी जिले में पुलिस ने मानव तस्करी और देह व्यापार के एक संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो नाबालिगों समेत पांच युवतियों को रेस्क्यू किया है। एनएच-27 स्थित शाही रेस्ट हाउस में चल रहे अंतरजिला सेक्स रैकेट का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जबकि मुख्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बुधवार रात सदर एसडीपीओ-1 अमित कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने छापेमारी की। टीम में महिला पुलिसकर्मियों के साथ चलंत विधि-विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के अधिकारी भी शामिल थे।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई

सकरी थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा दी गई सूचना में रेस्ट हाउस में युवतियों और नाबालिग बच्चियों को बंधक बनाकर देह व्यापार कराने की बात सामने आई थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विशेष टीम का गठन कर छापेमारी की गई।

छापेमारी के दौरान मची अफरा-तफरी

पुलिस के अचानक पहुंचने पर रेस्ट हाउस में भगदड़ मच गई। इस दौरान कुछ संदिग्ध पिछले रास्ते से फरार हो गए, लेकिन पुलिस ने पूरे परिसर को अपने कब्जे में लेकर तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान कई लोग आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए।

मौके से लखीसराय जिले के कजरा निवासी कुणाल कुमार ठाकुर को गिरफ्तार किया गया। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य और अन्य सामग्री जब्त कर जांच के लिए सुरक्षित कर लिया। कार्रवाई की पूरी वीडियोग्राफी भी कराई गई।

नौकरी और बेहतर जीवन का लालच

रेस्क्यू की गई युवतियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें नौकरी दिलाने, बेहतर जीवन का सपना दिखाने और प्रेमजाल में फंसाकर यहां लाया गया था। इसके बाद उनसे जबरन देह व्यापार कराया जाता था। विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी दी जाती थी।

पति-पत्नी चला रहे थे गिरोह

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का संचालन समस्तीपुर निवासी सुजीत कुमार और उसकी पत्नी डौली कुमारी कर रहे थे। इनके अलावा दरभंगा निवासी छोटू साह और गिरफ्तार आरोपी कुणाल कुमार ठाकुर की भी संलिप्तता सामने आई है।

चारों आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

रेस्ट हाउस सील करने की तैयारी

सदर एसडीपीओ अमित कुमार ने बताया कि यह संगठित मानव तस्करी और यौन शोषण का गंभीर मामला है। रेस्क्यू की गई नाबालिग बच्चियों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत कर पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पुलिस ने शाही रेस्ट हाउस को सील करने और फरार आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है। साथ ही एनएच किनारे स्थित होटलों, ढाबों और रेस्ट हाउसों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं।