भवानीपुर में राम नवमी शोभायात्रा में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी, ममता बनर्जी को चुनौती की तैयारी

 
रिपोर्ट - प्रीति सिंह 

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र केंद्र में आ गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर में राम नवमी की भव्य शोभायात्रा में हिस्सा लिया। इस दौरान क्षेत्र में बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी देखने को मिली।

आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भवानीपुर सीट पर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा ने इस सीट से शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतारने का संकेत दिया है, जहां उनका सीधा मुकाबला तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और मौजूदा विधायक ममता बनर्जी से माना जा रहा है।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

राम नवमी के अवसर पर पूरे राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। विशेष रूप से हावड़ा और हुगली जिलों पर प्रशासन की नजर है, जहां पिछले वर्षों में इस दौरान तनाव की घटनाएं सामने आई थीं। पुलिस और प्रशासन द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है।

हावड़ा में भी शोभायात्रा की तैयारी

हावड़ा शहर में अंजनी पुत्र सेना और विश्व हिंदू परिषद द्वारा भी राम नवमी के अवसर पर शोभायात्रा निकालने की योजना है। इन आयोजनों को लेकर प्रशासन सतर्क है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

हाईकोर्ट से मिली अनुमति

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कुछ शर्तों के साथ इन शोभायात्राओं को अनुमति दी है। साथ ही पुलिस को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। आयोजकों ने पहले स्थानीय पुलिस द्वारा अनुमति न मिलने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

भवानीपुर में रैली का रूट

भवानीपुर में निकली शोभायात्रा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास से लगभग एक किलोमीटर दूर हाजरा क्रॉसिंग पर समाप्त हुई। इस दौरान शुभेंदु अधिकारी स्वयं मौजूद रहे और कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

भवानीपुर सीट का राजनीतिक महत्व काफी बढ़ गया है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से हार के बाद ममता बनर्जी ने भवानीपुर उपचुनाव जीतकर विधानसभा में वापसी की थी। अब भाजपा इस सीट पर उन्हें कड़ी चुनौती देने की रणनीति बना रही है।

इस घटनाक्रम के बाद साफ है कि राम नवमी के मंच से भी पश्चिम बंगाल की सियासत ने नया मोड़ ले लिया है और आने वाले चुनावों में भवानीपुर एक हाई-प्रोफाइल मुकाबले का केंद्र बन सकता है।