बेहाला एयरपोर्ट को फिर मिलेगी उड़ान, भूमि सीमांकन कार्य में बड़ी सफलता

एयरपोर्ट पुनः संचालन की दिशा में अहम उपलब्धि, ड्रोन तकनीक से हुआ सर्वेक्षण
 

 प्रीति सिंह की रिपोर्ट

 

कोलकाता। भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक डॉ. इंद्रनील खान की पहल पर बेहाला हवाई अड्डे को पुनः संचालित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पश्चिम बंगाल सरकार के भूमि एवं भूमि सुधार विभाग ने सोमवार को ड्रोन आधारित आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की भूमि का विस्तृत सर्वेक्षण और सीमांकन कार्य शुरू किया।

 

गौरतलब है कि वर्षों से भूमि के स्पष्ट सीमांकन, बाउंड्री वॉल के अभाव तथा अतिक्रमण की समस्याओं के कारण हवाई अड्डे के विकास और पुनः संचालन से जुड़ी आवश्यक आधारभूत संरचना परियोजनाएं प्रभावित हो रही थीं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के मानकों के अनुसार किसी भी हवाई अड्डे के संचालन के लिए उसकी परिधि में पूर्ण सुरक्षा बाउंड्री वॉल का होना अनिवार्य है। इसी कारण यह मुद्दा परियोजना के सामने प्रमुख बाधा बना हुआ था।

ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों को मौज़ा नक्शे में शामिल किए जाने के बाद भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और अतिक्रमण वाले क्षेत्रों की सटीक पहचान संभव होगी। अधिकारियों के अनुसार आगामी मंगलवार तक अद्यतन मौज़ा नक्शा उपलब्ध होने की संभावना है। इसके बाद अतिक्रमित क्षेत्रों को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों का मानना है कि अतिक्रमण हटने के बाद शेष बाउंड्री वॉल के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे बेहाला हवाई अड्डे के पुनः संचालन की प्रक्रिया को गति मिलेगी। इस सर्वेक्षण को परियोजना की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जो भविष्य में हवाई अड्डे के पुनर्जीवन का आधार बन सकता है।

डॉ. इंद्रनील खान ने इस पहल को क्षेत्र के विकास और नागरिक उड्डयन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक अहम कदम बताते हुए कहा कि बेहाला हवाई अड्डे को जल्द से जल्द चालू कराने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।